EVS Pedagogy Complete Notes In Hindi | Problem of Environmental Teaching

EVS Pedagogy Complete Notes In Hindi

पर्यावरण शिक्षण की समस्याएं एवं शिक्षण सहायक सामग्री\साधन 

इस पोस्ट में हम  जानेंगे पर्यावरण पेडगॉजी (EVS Pedagogy Notes)के अंतर्गत पर्यावरण शिक्षण की समस्याएं(Problem of Environmental Teaching) एवं पर्यावरण शिक्षण की सहायक सामग्री\ साधन के बारे में संपूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक संपूर्ण जानकारी, एवं विगत परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न भी आपको इस पोस्ट में प्राप्त होंगे।  पर्यावरण पेडगॉजी (EVS Pedagogy Complete Notes In Hindi ) का यह टॉपिक 11 व 12 है इससे पहले कि टॉपिक यदि आपने अध्ययन नहीं किए हैं, तो उनकी लिंक नीचे दी गई है।  दी गई लिंक पर क्लिक करके आप उसे पढ़ सकते हैं आशा है, कि यह आप सभी अभ्यार्थियों  के लिए उपयोगी साबित होगी।  आगामी परीक्षाओं के लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!!!!

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Topic 11

शिक्षण सहायक सामग्री\ साधन (Teaching  material\ aids)

  1.  पर्यावरण अध्ययन में अधिगम को प्रोत्साहित करने के लिए रचनात्मक शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं की आवश्यकता है।  इसलिए शिक्षण अधिगम के स्थानीय संसाधनों तथा सामग्री का विकास, रखरखाव, आपस में बांटना तथा उपयोग करना पर्यावरण अध्ययन के शिक्षक के लिए महत्वपूर्ण है। 

 अधिगम संसाधन क्या है?

” संसाधन” का अर्थ है, वह चीज जो किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रयोग में लाई जाए। नक्शे, मॉडल, विद्यालय का बगीचा, वीडियो फिल्म इत्यादि सभी शिक्षण अधिगम के साधन के रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं।

 पर्यावरण अध्ययन में अधिगम संसाधनों का महत्व

  • पर्यावरण अध्ययन में कक्षा से बाहरी वातावरण पर आधारित अधिगम  प्रक्रियाएं काफी प्रभावशाली होती हैं। 
  •  पर्यावरण अध्ययन हेतु भौतिक, जैविक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक पक्षों पर आधारित वास्तविक जीवन के अनुभव उपयुक्त होते हैं। स्थानीय संसाधन एवं सामग्री वास्तविक जीवन पर आधारित अधिगम को प्रोत्साहित करते हैं। 
  •  इन संसाधनों का प्रयोग विभिन्न प्रकार के शिक्षण सीखने के तरीके, शिक्षण को और अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है। 
  •  यह कक्षा में बच्चों की भागीदारी के लिए अधिक अवसर भी प्रदान करते हैं, और इसके द्वारा बच्चों में स्थाई विकास की संभावनाएं बढ़ जाती है। 
  • संसाधन तथा शिक्षण सहायक सामग्री द्वारा ज्ञान के अधिग्रहण की सुविधा और कक्षा में छात्रों द्वारा उचित समझ विकसित की जा सकती है। 
  •  अधिगम संसाधन हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, मल्टीमीडिया एवं डिलीवरी सिस्टम के संयोजन है। 

 संसाधनों के प्रकार तथा उनका उपयोग

क्र.
संसाधन
उपयोग
1 समुदाय के संसाधन अभिभावक, दुकानदार, किसान, माली, कुम्हार
2   संस्थानीय संसाधन विद्यालय, अस्पताल,  बैंक, नगर निगम, कार्यालय, पुस्तकालय
3 प्रकृति में संसाधन नदी, तालाब, वन, मृदा, बगीचा
4 मीडिया संसाधन समाचार पत्र, टीवी, रेडियो, पोस्टर विज्ञापन 
5 प्रौद्योगिकीय संसाधन मोबाइल फोन ,कैमरा, ऑडियो रिकॉर्डर,सी डी , कंप्यूटर
6 मानव निर्मित पेन पेंसिल, रद्दी कागज, किताब, कविताएं, कहानियां 

(1) समुदाय संसाधन

  •   हर व्यक्ति एक संसाधन हो सकता है। प्रतिदिन का कार्य अभ्यास हर व्यक्ति को विशेषज्ञ बनाता है। 
  • इस सप्ताह आप” जो चीजें हम बनाते एवं करते हैं” उस तथ्य की चर्चा कर रहे हैं। कुमार केवल अपने व्यक्तिगत अनुभवों के बारे में ही नहीं बता सकता बल्कि इन पक्षियों जैसे उस क्षेत्र में मिट्टी के प्रकार तथा बर्तन बनाने की प्रक्रिया आधी भी बता सकता है। 
  •  किसान पौधों के बारे में बेहतर समझा पाएगा खासकर खरपतवार के बारे में। 
  • यह वास्तविक स्थितियों में सीखने के अवसर प्रदान करता है। 

(2)  अधिगम संसाधन के रूप में प्राकृतिक तत्व

  • प्राकृतिक पर्यावरण, पर्यावरण अध्ययन हेतु बहुत अच्छा संसाधन माना जाता है।
  •   प्रकृति के तत्व जैसे पहाड़िया, घास के मैदान, वन, सागर इत्यादि बच्चों को उत्सुक कर उनमें जिज्ञासा पैदा करते हैं।  अतः एक शिक्षक होने के नाते आप बच्चों को विद्यालय के बाहर ले जाकर अधिगम को प्रभावी बनाने के अधिक अवसर दे सकते हैं। 
  •  भ्रमण पर ले जाना। 

(3)  संस्थानीय संसाधन

  • संस्थान खास तौर पर सरकारी, बहुत प्रभावशाली, स्थाई अधिगम संसाधन हो सकते हैं।  प्रत्येक संस्थानीय संसाधन, समाज के विकास\ आर्थिक उद्देश्य की प्राप्ति में सहभागिता करता है। 
  •  इससे शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया में वास्तविक जीवन की कड़ियां जोड़ना भी सुनिश्चित हो जाता है। 
  •  चिड़ियाघर, पौधों की नर्सरी, सरकारी पुस्तकालय, पशुओं के अस्पताल, अजायबघर ,पवन फॉर्म।

(4) मीडिया संसाधन

  • आज मीडिया के संसाधनो के भंडार उपलब्ध है।  समाचार पत्र अपेक्षाकृत पर सस्ते तथा सब जगह उपलब्ध है।  यह अधिगम के अमूल्य संसाधन है। 
  •  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को शैक्षिक क्षमता कई प्रकार से नवाचार तरीके से  शिक्षा देने के लिए उपयोग में लाई जा सकती है। वीडियो फिल्म, टेलिविजन, कंप्यूटर, इंटरनेट यह सभी कक्षा में संसार लेकर आने की संभावना प्रदान करते हैं। 
  •  मीडिया शिक्षण अधिगम के लोकप्रिय एवं आसानी से उपलब्ध संसाधनों को प्रदान करता है। 
  • पर्यावरण अध्ययन के मीडिया का एक विशेष लाभ यह है, कि बच्चों को किसी मुद्दे पर विभिन्न मतों एवं दृष्टिकोण ओं के बारे में पढ़ने एवं समझने का अवसर भी मिलता है। 
  •  मीडिया संसाधनों में सम्मिलित है- समाचार पत्र, पत्रिकाएं, टेलिविजन( द डिस्कवरी, द नेशनल ज्योग्राफिक, ट्रैवल एवं लिविंग), रेडियो कार्यक्रम( ज्ञान भारती, विविध भारती), पर्यावरण से संबंधित वेबसाइट, प्रदर्शनीया, चित्रकारी। 

 पर्यावरण अध्ययन में मीडिया का प्रयोग कैसे करें?

  • पर्यावरण अध्ययन से संबंधित समाचार पत्र की कतरनो का प्रयोग करना, बच्चे पर्यावरण अध्ययन से एक चुने गए प्रकरण पर शोध कार्य परियोजना भी कर सकते हैं। 
  •  पर्यावरण संबंधी चैनलों तथा पत्रिकाओं का प्रयोग कर संबंधित पर्यावरणीय  मुद्दों पर तथ्यों तथा विचारों पर चर्चा की जा सकती है। 
  •  आप बच्चों को वैज्ञानिक या पर्यावरण से संबंधित कहानियां\ कविताएं पत्रिकाओं या समाचार पत्रों से पढ़ने के लिए कह सकते हैं। 
  •  पोस्टर तथा चित्रकला का उपयोग कर, आप बच्चों को संबंधित पर्यावरणीय मुद्दों पर उनके विचारों एवं मतों की अभिव्यक्ति करने में सहायता कर सकते हैं। 

(5) प्रौद्योगिकी संसाधन(Technology resources)

  • आज शिक्षक को शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया में सहायता करने हेतु कई प्रकार की प्रौद्योगिकी ए साधन उपलब्ध है। 
  • प्रौद्योगिकी यंत्र बच्चों को आकर्षित करते हैं। 
  •  पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण अधिगम में प्रौद्योगिकी का उपयोग रचनात्मक एवं अर्थ पूर्ण तरीके से किया जा सकता है। 
  •  मोबाइल फोन-  जानवरों तथा पक्षियों की आवाज को रिकॉर्ड करने के लिए,GPS ( ग्लोबल प्रोसेसिंग सिस्टम) को मानचित्र बनाने तथा पढ़ने के कौशल को बढ़ाने हेतु प्रयोग में लाया जा सकता है। 
  •  कैमरा-  पक्षियों, जानवरों, कीड़ों की प्राकृतिक क्रियाओं को रिकॉर्ड करने, भ्रमण में उनका प्रयोग करने में इसका उपयोग किया जा सकता है। 
  •  कंप्यूटर- मल्टीमीडिया सुविधा को पर्यावरण अध्ययन संबंधित तथ्यों के वीडियो दिखाने में प्रयोग में लाया जा सकता है। इंटरनेट की सुविधा सूचना उपलब्ध करवाने में सहायक है।  एनिमेशन बच्चों को पर्यावरण की अमूर्त तत्वों जैसे” पर्यावरण के भीतर”,”पौधों के शरीर में गति तथा प्रक्रिया आएं”, सागर के अंदर जीवन, समझने में सहायता कर सकता है। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस जैसे कार्यक्रमों का उपयोग आंकड़ों में सुधार, ग्राफ बनाने इत्यादि में प्रयोग किया जा सकता है। 

(6) मानव निर्मित संसाधन

  • पर्यावरण अध्ययन में हम कुछ ऐसी वस्तुओं का प्रयोग भी करते हैं, जो मानव द्वारा निर्मित की गई है। 

 जैसे- पैन, पेंसिल, गिलास, कुर्सी, कागज आदि।  यह तुलना ,मॉडलिंग, सादृश्य लाने के साधन बन जाते हैं, तथा कई क्रियाओं में बच्चों को अवधारणा को समझाने में प्रयोग किए जाते हैं। 

पर्यावरण अध्ययन में पाठ्य पुस्तकों की विशेषताएं

  • पुस्तकों की भाषा सरल होनी चाहिए। 
  •  पुस्तकों की विषय वस्तु इस प्रकार की होनी चाहिए।  जो बच्चों के अंदर प्रश्न करने, खोज करने, जिज्ञासा आदि को जगा सके। 
  •  यह शिक्षकों की  वैविध्यपूर्ण(diverse)पृष्ठभूमि की जरूरतों को पूरा करती  हो। 
  •  पुस्तकों की विषय वस्तु बच्चों के मानसिक स्तर की होनी चाहिए। 
  •  पुस्तकों में वास्तविक कहानियों और घटनाओं को शामिल करना चाहिए। 
  •  यह प्राकृतिक सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को एकीकृत तरीके से प्रस्तुत करती हैं। 
  •   पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यपुस्तक की भाषा बच्चे की दिन-प्रतिदिन की भाषा से समृद्ध होनी चाहिए। 
  •  यह भय एवं पूर्वाग्रह से मुक्त होने के मूल्य को बढ़ावा देती हो। 
  • पर्यावरण अध्ययन की पुस्तक कैसी होनी चाहिए।  जो शिक्षण अधिगम प्रक्रिया पर अधिक बल देती हूं और उसे प्रभावशाली बनाती  हो। 
  •  पर्यावरण अध्ययन की पुस्तकों में अभ्यास एवं गतिविधियों को प्रकरणों मेंअंतर्निर्मित करके उपलब्ध कराना चाहिए। 
  •  पुस्तक में पहेलियों को शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह सृजनात्मक चिंतन, तार्किक चिंतन का विकास करती है।   

EVS Pedagogy Notes (*Topic Wise*) Notes

Topic-1 – पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा एवं क्षेत्र (Concept and scopes of Evs): click here

Topic-2 –  पर्यावरण अध्ययन का महत्व एवं एकीकृत पर्यावरण अध्ययन(Significance of Evs, Integrated Evs):  click here

Topic- 3 –  पर्यावरण अध्ययन(Environmental studies),पर्यावरण शिक्षा: click here

Topic- 4 –  अधिगम के सिद्धांत (Learning principles): click here

Topic- 5 – अवधारणा प्रस्तुतीकरण के उपागम (Approaches of Presenting Concepts): click here

Topic- 6 – पर्यावरण अध्ययन की शिक्षण अधिगम की विधियां(environment teaching method in Hindi) : Click here

Topic – 7 – EVS Pedagogy Activities (क्रियाकलाप) click here

Topic -8 & 9 – Practical Work And Steps In Discussion  Click here

Topic – 10  पर्यावरण अध्ययन में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन(C.C.E in Evs) Click here

Topic 12

पर्यावरण  शिक्षण की समस्याएं( problem of environmental teaching )

problem of environmental teaching

 अलग-अलग शिक्षक अपने रोजमर्रा के शिक्षण के दौरान अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हैं।  पाठ्य पुस्तक से संबंधित, कक्षा संपादन, समय एवं संसाधनों का प्रबंधन तथा हर व्यक्तिगत बच्चे के साथ निपटने में।  यह समय समय पर परिवर्तित होते रहते हैं। पर्यावरण अध्ययन के संपादन में कई अतिरिक्त चुनौतियां हैं। 

  • पर्यावरण अध्ययन अपने संपादन में बाल केंद्रित पद्धति का प्रयोग करता है, ना की  पारंपरिक शिक्षक केंद्रित पद्धति का, अर्थात पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में, शिक्षक के बजाय बच्चों पर ध्यान दिया जाता है। 
  •  अनुभवों से ज्ञात के सृजन में सहायता करने की चुनौती।  बच्चे विद्यालय में पर्यावरण संबंधी अपने अनुभव एवं समझ ले कर आते हैं।  शिक्षक को उन्हें संबंध बनाने के लिए उनके प्रत्यक्ष पर्यावरण के भीतर अधिगम अनुभव प्रदान करने होते हैं। 
  • अभिभावक एवं समुदाय को भी अधिगम प्रक्रिया में लाना। 
  •  विभिन्न संबंधों को बच्चों के पूर्व ज्ञान से जोड़ने की चुनौती। 
  •  बच्चे कैसे सीखे और कैसे समझें की चुनौती। 

चुनौतियां

(1)  कक्षा संपादन

(2) पाठ्यक्रम संबंधित

(3)  समय एवं संसाधनों का प्रबंधन

1.  कक्षा संपादन संबंधित चुनौतियां

  • छात्र केंद्रित पद्धति। 
  •  बच्चों  को उनके पर्यावरण को समझने में सहायता करना। 
  •  समझने का लचीला तरीका लाना। 
  •  बच्चे कैसे सीखते और समझते हैं?
  • कक्षा में चर्चा किए गए मुद्दों पर अंतर्दृष्टि विकसित करें। 
  •  शिक्षण में गत्यामकता  हो। अलग-अलग विधियां, गतिविधियों को प्रयोग करने की चुनौती। 
  •  बच्चों का सही प्रकार से मूल्यांकन करने की चुनौती।   क्योंकि सभी बच्चे अलग अलग समझ व स्तर के होते हैं। 

2. पाठ्यक्रम संबंधी चुनौतियां

  • पाठ्यक्रम की विषय वस्तु को वास्तविक संसार से संबंधित करना। 
  •  जिससे वह अपने आसपास का अवलोकन एवं अनुभव करें और नए ज्ञान, अनुभव तथा उसके उपयोग का सृजन करें। 
  •  बच्चों के नए अनुभवों व समाज को उनके  पूर्व ज्ञान से जोड़ने की चुनौतियां। 
  •  व्यक्तिगत सीमाओं से बाहर निकलने की चुनौतियां। 
  •  पाठ्यक्रम को सरल एवं सहज बनाने की चुनौती। 

3. समय एवं संसाधनों का प्रबंधन संबंधी चुनौतियां

  • संसाधनों के संपूर्ण ज्ञान की चुनौतियां। 
  •  संसाधनों का समुचित प्रयोग करने की चुनौती। 
  •  सभी बच्चों को समूह में ठीक प्रकार से कार्य करने तथा संसाधनों के प्रयोग से समझ विकसित करने की चुनौती। 

EVS Pedagogy Previous Year Questions (पिछली परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न)

 प्रश्न1 ईवीएस पाठ्यवस्तु में एक खेल टिकट का एक नमूना दिखाने का उद्देश्य है- 

(A) छात्रों को रेल किराए के बारे में जानकारी देना। 

(B)  उन्हें टिकट में प्रयुक्त विभिन्न संक्षिप्त रूप का ज्ञान प्रदान करना। 

(C)   निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए छात्रों के कौशल में वृद्धि करना। 

(D) उन्हें वास्तविक जानकारी के साथ बातचीत और अवलोकन के कौशल विकसित करने का अवसर देना। 

Ans – B

प्रश्न2 “बीज अंकुरण” की अवधारणा को सबसे अच्छे से सिखाया जा सकता है?

(A) किसी वर्ग के बीज कैसे अंकुरित होते हैं दिखाकर और अंकुरण की प्रक्रिया को समझा कर. 

(B)  बोर्ड पर चित्र के माध्यम से अंकुरण चरण पेश करके. 

(C)  छात्रों द्वारा बीज बोने के विभिन्न चरण को गतिविधि के माध्यम  प्रदर्शित करने से. 

(D) बीज अंकुरण की तस्वीरें दिखाकर 

Ans – C

प्रश्न3  प्राथमिक स्तर पर आकलन में होना चाहिए?

(A)  सतत और अंसरचित टिप्पणियों को छात्र और उनके माता-पिता के साथ साझा करना. 

(B)  हर सप्ताह औपचारिक परीक्षण और खेल का रिपोर्ट कार्ड में दर्ज होना. 

(C)  साल के अंत में अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा कराना. 

(D)  हर हफ्ते गृह कार्य और कक्षा कार्य का उत्तीर्ण  और अनुउत्तीर्ण के तहत निर्धारण करना .  

Ans – A

प्रश्न4  दोपहर की भोजन की ब्रेक के बाद, ईवीएस शिक्षण में जब आपको लगता है कि छात्र सबक में रुचि नहीं ले रहे हैं।  आप क्या करेंगे?

(A)  विषय तुरंत बदलें

(B)  विषय को दिलचस्प बनाने के लिए ऑडियो विजुअल का उपयोग करें

 (C) जमीन  में खेलने के लिए बच्चों को बाहर ले जाओ

(D)  उनसे कहे कि वे  डेस्क पर अपना सिर रखकर आराम करें

Ans – B

प्रश्न5 एक स्कूल  के कक्षा पांचवीं के  छात्रों के लिए राजस्थान की एक शैक्षिक यात्रा की योजना बनाई यात्रा के दौरान आपकी बच्चों से क्या अपेक्षा होगी?

(A)  उन्हें खुद में आनंद लेना चाहिए

(B)  उन्हें गौर से निरीक्षण करना चाहिए,नोट से बनाने चाहिए और अन्य छात्रों और शिक्षक के साथ अपने निरीक्षण को सांझा करना चाहिए

(C)  उन्हें सवालों को लिखना चाहिए, यदि कोई  हो, और घर पहुंचने पर माता-पिता से पूछना चाहिए

(D)  बिना सवाल पूछे उन्हें सबकुछ निरीक्षण करना चाहिए

Ans –  B

प्रश्न6  एक ईवीएस कक्षा में बच्चों के व्यक्तिगत अनुभवों को महत्व देते हुए शिक्षक को क्या फायदा होगा-

(A)  बच्चे के अनूठे अनुभव का पता लगाना

(B)  बच्चों की भाषा और संचार कौशल में सुधार करने के लिए सहायता देना

(C)  शिक्षार्थियों के विषय में  अनुभवानात्मक दुनिया से संबंधित करना और प्रतिबिंब और अधिगम को बढ़ावा देना

(D)  इनमें से कोई नहीं

Ans – C

प्रश्न7 बच्चों को ईंधन के विभिन्न प्रकार के बारे में बताने के लिए, शिक्षक कर सकते हैं?

(A)  एक चटाई पर ईंधन की तस्वीरें दिखाना

(B)  बच्चों को विभिन्न निधन की सूची बनाने के लिए कहना.

(C)  कक्षा में ईंधन के कुछ नमूने दिखाना

(D)  एक लघु फिल्म के साथ-साथ बच्चों को बताना कि खाना पकाने के लिए ईंधन के किन संभावित प्रकारों का इस्तेमाल किया जा सकता है

Ans – D

प्रश्न8  एक नक्शे को पढ़ने के लिए आवश्यक कौशल है?

(A)  उत्कृष्ट ड्राइंग और पेंटिंग कौशल

(B)  एक दुनिया पर गणना और स्केच पदों का उपयोग करने की क्षमता.

(C)  अर्थपूर्ण क्षमता से बाहर आकर्षित करने के लिए उत्कृष्ट संचार कौशल

(D)  स्थानों, दूरी और दिशाओं के संबंधों की स्थिति को समझने की क्षमता

Ans – D

 प्रश्न9  असाइनमेंट के बारे में निम्नलिखित तथ्यों में से कौन सा सही है?

(A)  विविधता और अभ्यास प्रदान करने के लिए कक्षा कार्य के बाद हर दिन गृह कार्य में असाइनमेंट किए जाने की जरूरत है

(B)  असाइनमेंट कार्य मूल्यांकन का एकमात्र तरीका होना चाहिए

(C)  असाइनमेंट शिक्षार्थियों को जानकारी की खोज के लिए अपने विचारों का निर्माण और उन्हें स्पष्ट करने का अवसर प्रदान करते हैं

(D)  माता पिता, भाई बहन  अपनी योग्यता के अनुसार असाइनमेंट कर सकते हैं

Ans – C

 प्रश्न10  निम्न में से कौन सा एक ईवीएस पुस्तक में पहेलियां और पहेली सहित का एक उद्देश्य नहीं है

(A)  छात्रों में महत्वपूर्ण सोच की क्षमता विकसित कर

(B)  छात्रों में तर्क करने की क्षमता विकसित करना

(C)  छात्रों के मन भ्रमित और उन्हें  भ्रम का आनंद लेने के लिए 

Ans – C

प्रश्न11  सरल प्रयोगों और प्रदर्शनों को ईवीएस कक्षा में प्रदर्शित किया जा सकता है?

(A)  बच्चों को अपने दम पर जानने के लिए और अपने परीक्षण कौशल को अधिक विकसित करने के लिए

(B)  वरिष्ठ कक्षाओं में जो किया जा रहा है, उसका पालन करने के लिए

(C)  विचारों, रिकॉर्ड पर चर्चा करने और छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर टिप्पणियों का विश्लेषण करने के लिए

(D)  छात्रों को नियंत्रित करने और कक्षा में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए

Ans – C 

प्रश्न12  टीवीएस की कक्षा में अवधारणाओं को समझने के लिए कविता और कहानी कहना किस प्रकार  सहायता करता है?

(A)  पाठ सुखद और रोचक बनाता है

(B)  स्थानीय और वैश्विक स्तर पर दुनिया की प्रकृति की कल्पना और अन्वेषण की क्षमता को बढ़ावा देता है

(C)  शिक्षार्थियों के बीच भाषा और सांस्कृतिक विविधता की देखभाल करता है

(D)  सही दिशा में छात्रों की ऊर्जा को लगाता है.

Ans – B

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 दोस्तों इस पोस्ट में हमने जाना पर्यावरण पेडागोजी के अंतर्गत पर्यावरण शिक्षण की चुनौतियां(Problem of Environmental Teaching) एवं पर्यावरण अध्ययन की शिक्षण सहायक सामग्री\ साधन (Teaching  material\ aids)एवं साथ ही विगत परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न भी आपको इस पोस्ट में प्राप्त हुए ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहिएगा साथ ही आप हमारी फेसबुक पेज को भी लाइक कर सकते हैं यहां पर आपको  प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद 

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