भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors affecting Language Development) 

Factors affecting-Language Development for TET exams

Language & Thought : भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक

बच्चे का संपूर्ण विकास के लिए भाषा विकास परम आवश्यक है।  भाषा के बिना ना तो बालक कुछ समझता है ना ही अपनी संवेग दिखाता है।  भाषा के विकास को प्रभावित करने वाले बहुत से कारक हैं जिनमें से प्रमुख  कारक इस प्रकार है। (Factors affecting Language Development)

1.  पारिवारिक स्थितियां

बालक जिस परिवार में जन्म लेता है। उस परिवार की भाषा का विशेष प्रभाव बालक पर पड़ता है।  बालक के भाषा के विकास में माता-पिता की भूमिका सर्वोपरि होती है। बालक अपनी माता की गोद में जिस भाषा को सीखता है उसी का नाम मां की भाषा है।  माता अपने बालक से जो बातचीत करती है उसे ही Baby Talk कहते हैं। 

पारिवारिक स्थितियों का अर्थ परिवार का आकार, बच्चों का जन्म क्रम, परिवार की आर्थिक, सामाजिक स्थिति, परिवार की शैक्षणिक स्थिति आदि। 



  “पियाजे” ने अपनी शोध में कहा था कि बड़े आकार  के परिवार की अपेक्षा छोटे आकार वाले परिवार के बालक का भाषा विकास अधिक सफल रहता है।  कहने का अर्थ है कि जिस परिवार में बालको की संख्या अधिक होगी, उस परिवार में बालको ओर बड़ों के बीच बातचीत कम ही होती है। 

” ब्रॉडी” ने लिखा है  कि परिवार के पहले बच्चे का भाषा विकास, दूसरे, तीसरे एवं चौथे से अधिक होता है।  क्योंकि मात पिता का प्रथम बच्चे पर अधिक निगरानी रखते हैं।  

“हरलॉक”  ने कहा है कि जिस परिवार की सामाजिक और आर्थिक या उच्च होती है।  उस परिवार के बालक का भाषा विकास अधिक होता है। क्योंकि ऐसे परिवार अपने बालकों के साथ बातचीत करना अच्छा समझते हैं।  अपने बालक उनके मानसिक विकास हेतु अलग से संस्थानों का प्रयोग करते हैं। पौष्टिक आहार तथा अच्छे विद्यालय का चुनाव करते हैं। 

शिक्षित परिवार जो अर्थ के दृष्टिकोण से पिछड़ा भी हो तो अपने बालकों की शिक्षा पर अधिक ध्यान देते हैं।  बालक उनके साथ बातचीत में उन्नत भाषा का प्रयोग करते हैं। बातचीत में लोक कथाएं, लोकगीत का प्रयोग करते हैं।  जिसके कारण बालकों का उन्नत विकास होता। (Factors affecting Language Development)

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2. पड़ोस

 बालक 4 से 5 वर्ष का होते होते पड़ोस में जाना प्रारंभ कर देता है।  यहां पर बालको का सामाजिक अनुक्रिया तीव्र होती है। कोई भी बालक पड़ोस के बालकों का अनुसरण करता है।  यह अनुसरण उसकी भाषा पर पूर्व प्रभाव डालता है। 

” हरलॉक” के अनुसार, भाषा के विकास में अनुकरण का विशेष प्रभाव होता है। तुतलाना, हकलाना आदि प्रकार के भाषा त्रुटि  पड़ोस से ही सीखता है। 

3 खेल और खेल के साथी

 बच्चे का समय खाने और पहनने के सिवा खेल में या खेल के मैदान में भी  बीतता है। जिस प्रकार के खेल का मैदान होगा, खेल संबंधी भाषा का प्रयोग उसी प्रकार होगा। 

“गुल्लीक”  महोदय ने लिखा है कि बच्चे को अच्छे खेल तथा अच्छे साथियों के बीच रहने की प्रेरणा  दे।

4. भाषा की संख्या

बालकों  को भाषा में उन्नत बनाने हेतु एक साथ कई भाषाओं का प्रयोग नहीं करवाना चाहिए।  बालक के समुन्नत विकास मातृभाषा सबसे उन्नत है। मातृभाषा के पूर्ण ने पूर्ण होने पर ही किसी दूसरी भाषा को प्रेरित करना चाहिए। 

” मैंकार्थी”  ने लिखा है कि जिन बालकों को सबसे पहले मात्र भाषा सिखाई जाती है, उस  बालक का भाषा विकास समुचित होता है। 

5  विद्यालय और शिक्षक

 बालको के शिक्षक आदर्श होते हैं।  बालकों की भाषा विकास पर शिक्षक की भाषा का पूर्ण प्रभाव पड़ता है।  यदि विद्यालय के शिक्षक भाषा के प्रयोग में निपुण हो, भाषा का उच्चारण सही हो तो उस विद्यालय के बालक का भाषा विकास बेहतर होगा। 

 विद्यालय के साथी की भाषा भी बालक ओके भाषा विकास को प्रभावित करती है।  जबकि विद्यालय के साथी अच्छी भाषा का प्रयोग करते हैं तो बालकों का भाषा विकास सामान्य रूप से विकसित होता रहेगा। 



 अतः कहा जा सकता है कि बालकों के भाषा के विकास में परिवार के सदस्य, खेल मैदान के साथी, शिक्षक तथा वर्ग के साथियों का पूर्ण प्रभाव होता है। 

दोस्तों इस पोस्ट में हमने भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors affecting Language Development) का अध्यन किया है जो कि सभी शिक्षक भर्ती परीक्षाओ की द्रष्टि  से महत्वपूर्ण टॉपिक है आशा है कि यह पोस्ट आपके लिए सहायक सिद्ध होगी.

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