क्रिया गतिविधि आधारित शिक्षण || Activity Based Teaching

क्रिया गतिविधि आधारित शिक्षण  (Activity Based Teaching)

  •  क्रिया परक विधि का अर्थ  है-  छात्र का अपनी स्वयं की क्रिया के द्वारा ज्ञान प्राप्त करना। 
  •  छात्र की क्रिया से तात्पर्य है कि जिस क्रिया को छात्र किसी उद्देश्य से पूर्ण करता है।  उसको पूर्ण करने में  इसका शरीर और मस्तिष्क दोनों ही क्रियाशील रहते हैं। 
  • उन सभी क्रियाओं के द्वारा जिसमें बच्चे रुचि पूर्वक, जिज्ञासा, को,  लगन तथा मनोयोग  से सक्रिय रहकर कार्य करते हुए सीखते हैं, गतिविधि कहलाती है। 
  •  गतिविधि से तात्पर्य उन सभी क्रियाओं से है, जिनकी सहायता से शिक्षक के द्वारा विषय वस्तु को कक्षा में रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए तथा बच्चे उसमें रुचि लें। 

गतिविधि का श्रेणी करण

(1)  शारीरिक गतिविधि –  कदमताल, पीटी, हाथ ऊपर नीचे कराना, उछल कूद आदि। 

(2)  मानसिक गतिविधि –  चिंतन, मनन, तर्क, वार्तालाप, पहेली  पूछना, लेखन करना, भाषण देना आदि। 

(3)  शारीरिक एवं मानसिक दोनों –  पशु/ पक्षी का नाम लेते हुए आगे या पीछे कूदना आदि। 

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