Madhya Pradesh ke Lok Nritya |M.P Folk Dance| MP GK

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मध्य प्रदेश के प्रमुख लोक नृत्य (Madhya Pradesh Folk Dance)

इस पोस्ट में हम मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख लोक नृत्य (Madhya Pradesh ke Lok Nritya) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे जो कि  मध्य प्रदेश स्टेट परीक्षाओं के साथ ही सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि परीक्षाओं में आपको लोक नृत्य से संबंधित प्रश्न देखने को अवश्य मिलेंगे इसीलिए  लोक नृत्य से संबंधित जानकारी हमें होना आवश्यक है। 



भारत का हृदय प्रदेश कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में लोक नृत्य मध्य प्रदेश की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करते है मध्य प्रदेश के लोक एवं आदिवासी नृत्य प्रदेश की पुरातन संस्कृति शैली को संरक्षित किए हुए हैं।  लोक एवं आदिवासी नृत्य मौसम के आगमन शादी ब्याह बच्चों के जन्म और त्योहारों के मौके पर अपनी खुशी जाहिर करने के लिए यह जाते हैं वास्तव में इनके प्रवर्तक की पहचान समाप्त हो चुकी है लेकिन वर्षों से इनकी शैली का संरक्षण प्रदेशवासियों द्वारा किया जा रहा है। 

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Madhya Pradesh ke Lok Nritya

    1. बधाई नृत्य  यह नृत्य बुंदेलखंड में खुशी  के अवसर पर किया जाने वाला नृत्य है
    2.  सैला नृत्य – यह नृत्य गणगौर के उत्सव पर किया जाता है जो कि गुजरात में होने वाले डांडिया नृत्य से मिलता-जुलता है
    3. कांगड़ा नृत्य -यह नृत्य बुंदेलखंड में धोबी जाति के द्वारा किया जाता है
    4. परधोनी नृत्य- यह बैगा आदिवासियों द्वारा विवाह के अवसर पर बरात  के आगमन पर किया जाने वाला नृत्य है
    5. लहंगी  नृत्य- यह सहारिया एवं कंजर बंजारों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है
    6.  बार नृत्य- यह नृत्य कवर आदिवासियों द्वारा खुशी के अफसरों पर किया जाता है
    7. गोचो नृत्य- मध्य प्रदेश के गोंड आदिवासियों द्वारा यह नृत्य किया जाता है
    8.  मटकी नृत्य- महिलाओं द्वारा विभिन्न अवसरों पर ‘मटकी’ नृत्य प्रस्तुत किया जाता है। यह ‘मालवा’ का एक सामुदायिक नृत्य है। नर्तक एक ड्रम की धड़कन को संगीतमय रूप से स्थानांतरित करते हैं जिसे स्थानीय रूप से ‘मटकी’ कहा जाता है।
    9. भगोरिया नृत्य-  यह नृत्य भील आदिवासियों द्वारा किया जाता है  यह नृत्य मुख्य रूप से दूल्हे की पार्टी का स्वागत और मनोरंजन करने के लिए करते हैं। इसके द्वारा खुशी और शुभ अवसर की भावना व्यक्त होती है
    10. बिलमा नृत्य बैगा  आदिवासियों द्वारा किया जाने वाला विल्मा नृत्य प्रेम प्रसंग पर आधारित है
    11.  रीना नृत्य- यह नृत्य दीपावली के बाद बैगा एवं गोंड आदिवासी महिलाओं द्वारा किया जाता है
    12.  चटकारा नृत्य- यह कोरबा आदिवासियों के द्वारा किया जाने वाला नृत्य है
    13. बदेरी नृत्य-यह नृत्य ग्वाला  एवं गुर्जर जाति के लोगों द्वारा किया जाता है 
    14. सुवा  नृत्य- मध्य प्रदेश की बैगा जनजाति के द्वारा सुवा  नाच किया जाता है 
    15. नौराता- मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में अविवाहित लड़कियों के लिए इस नृत्य का विशेष महत्त्व है। नौराता नृत्य के जरीये, बिनब्याही लडकियां एक अच्छा पति और वैवाहिक आनंद की मांग करते हुए भगवान का आह्वान करती है।
    16. अहिराई- भरम, सेटम, सैला और अहिराई, मध्यप्रदेश की ‘भारीयां’ जनजाति के प्रमुख पारंपरिक नृत्य हैं। भारीयां जनजाति का सबसे लोकप्रिय नृत्य, विवाह के अवसर पर किया जाता है।
    17. तृतीली नृत्य –तृतीली नृत्य मध्य प्रदेश में ‘कमर’ जनजाति का एक लोक नृत्य है।
    18. जवारा नृत्य –   यह नृत्य  ‘बुंदेलखंड’ क्षेत्र के लोग धन का जश्न मनाने के लिए इस नृत्य को करते हैं। पुरुष और महिलाएं, रंगीन वेशभूषा में नृत्य करते हैं महिलाएं अपने सिर पर ‘जवारा’ से भरी टोकरियाँ भी रखती हैं।
    19. फूल पाटी नृत्य – यह नृत्य होली के त्योहार के समय किया जाता है।
    20. ग्रिडा नृत्य – ग्रिडा नृत्य मध्य प्रदेश के लोगों द्वारा किया जाता है जब क्षेत्र में रबी की फसल बोई जाती है।




दोस्तों, हमने मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख लोक नृत्य (Madhya Pradesh ke Lok Nritya ) के बारे में जानकारी आपके साथ साझा की है जोकि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते रहने के लिए आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क अवश्य कीजिए साथी आप हमारे फेसबुक पेज के साथ भी जुड़ सकते हैं जहां आप सभी सरकारी नौकरियों से संबंधित नवीनतम जानकारी एवं अध्ययन नोट्स प्राप्त कर पाएंगे।

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